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资治通鉴 211-220 .司马光.

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  禄山之发长安也,上令高力士饯之长乐坡,及还,上问:“禄山慰意乎?”对曰:“观其意怏怏,必知欲命为相而中止故也。”上以告国忠,曰:“此议他人不知,必张兄弟告之也。”上怒,贬张均为建安太守,为卢溪司马,弟给事中为宜春司马。

  安禄山从长安离去时,玄宗命令高力士在长乐坡为安禄山饯行,高力士回来后,玄宗问道:“安禄山满意吗?”高力士回答说:“我看到他心中不愉快,一定是知道了想要任命他为宰相,后来又改变的缘故。”玄宗把此事告诉了杨国忠,杨国忠说:“这件事别人都不知道,一定是张兄弟告诉安禄山的。”玄宗大为愤怒,就贬张均为建安郡太守,张为卢溪郡司马,张的弟弟给事中张为宜春郡司马。

  哥舒翰亦为其部将论功,敕以陇右十将、特进、火拔州都督、燕山郡王火拔归仁为骠骑大将军,河源军使王思礼加特进,临洮太守成如、讨击副使范阳鲁炅、皋兰府都督浑惟明并加云麾将军,陇右讨击副使郭英义为左羽林将军。英义,知运之子也。翰又奏严挺之之子武为节度判官,河东吕为支度判官,前封丘尉高适为掌书记,安邑曲环为别将。

  哥舒翰也为他的部将请功,玄宗就下敕任命陇右十将、特进、火拔州都督、燕山郡王火拔归仁为骠骑大将军,河源军使王思礼为特进,临洮太守成如、讨击副使范阳人鲁灵、皋兰府都督浑惟明等为云麾将军,陇右讨击副使郭英又为左羽林将军。郭英又是郭知运的儿子。哥舒翰又上奏任命严挺之的儿子严武为节度判官,河东人吕为支度判官,前封丘县尉高适为掌书记,安邑人曲环为别将。

  [9]程千里执阿布思,献于阙下,斩之。甲子,以千里为金吾大将军,以封常清权北庭都护、伊西节度使。

  [9]程千里俘获了阿布思,献于朝廷,被斩首。甲子(二十八日),玄宗任命程千里为金吾大将军,封常清暂时代理北庭都护、伊西节度使。

  [10]夏,四月,癸巳,安禄山奏击奚破之,虏其王李日越。

  [10]夏季,四月癸巳(二十八日),安禄山上奏说了打败了奚族,俘虏了奚王李日越。

  [11]六月,乙丑朔,日有食之,不尽如钩。

  [11]六月乙丑朔(初一),出现日食,是形状如钩的日环食。

  [12]侍御史、剑南留后李宓将兵七万击南诏。罗凤诱之深入,至大和城,闭壁不战。宓粮尽,士卒罹瘴疫及饥死什七八,乃引还,蛮追击之,宓被擒,全军皆没。杨国忠隐其败,更以捷闻,益发中国兵讨之,前后死者几二十万人;无敢言者。上尝谓高力士曰:“朕今老矣,朝事付之宰相,边事付之诸将,夫复何忧!”力士对曰:“臣闻云南数丧师,又边将拥兵太盛,陛下将何以制之!臣恐一旦祸发,不可复救,何得谓无忧也!”上曰:“卿勿言,朕徐思之。”

  [12]侍御史、剑南留后李宓率兵七万攻打南诏。南诏王罗凤采用诱敌深入的战术,把唐军引到大和城下,坚壁不战。李宓粮尽,所率领的士卒因为瘴疫和饥饿死了十分之七八,遂领兵撤退,这时南诏才出兵追击,李宓被俘,全军覆没。而杨国忠不但隐瞒败状,还假报获胜,并增兵去讨伐,前后战死的达二十万人,没有人敢说这件事。玄宗曾经对高力士说:“朕已经老了,把朝中政事委托给宰相处理,边防军事委托给诸位边将,还有什么可忧愁的呢!”高力士回答说:“我听说唐军在云南多次战败,还有边将拥兵自重,不知道陛下如何处置!我深怕一朝祸发,难以挽救,怎么能说可以高枕无忧呢!”玄宗说:“你不要说了,让我仔细考虑一下。”

  [13]秋,七月,癸丑,哥舒翰奏:于所开九曲之地置洮阳、浇河二郡及神策军,以临洮太守成如兼洮阳太守,充神策军使。

  [13]秋季,七月癸丑(二十日),哥舒翰奏请在所开拓的九曲地方设置洮阳、浇河二郡及神策军,任命临洮太守成如兼洮阳太守,充任神策军使。

  [14]杨国忠忌陈希烈,希烈累表辞位;上欲以武部侍郎吉温代之,国忠以温附安禄山,奏言不可;以文部侍郎韦见素和雅易制,荐之。八月,丙戌,以希烈为太子太师,罢政事;以见素为武部尚书、同平章事。

  [14]杨国忠忌恨陈希烈,所以陈希烈多次上表请求辞职。玄宗想任命武部侍郎吉温代陈希烈,而杨国忠因为吉温依附于安禄山,就上奏说不可。他认为文部侍郎韦见素性情温和易于控制,就推荐他代替陈希烈。八月丙戌(二十三日),玄宗任命陈希烈为太子太师,罢免参知政事。同时任命韦见素为武部尚书、同平章事。
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